मन की महिमा

।।हर शब्द अमॄतम।।

अरे, मन समझ-समझ पग धरिये!

सभी समस्याओं की जड़ है-मन।

मन पर अंकुश लगाएं।


!!हर शब्द अमॄतम!!

मन के मत से मत चलियो, 

ये जीते जी मरवा देगा। 

मन को भय-भ्रम चिन्ता-फिक्र, 

तनाव से बचाने हेतु...

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अकेले हैं चले आओ....

प्यार में रोज-रोज रोने वाले 

रोज डे के दिन 80 फीसदी 

लड़के यही गाना गाएंगे....

तू प्यार है किसी और का, 

तुझे चाहता कोई और है।

👉 यह गीत केवल विरह नहीं, बल्कि मन की अस्थिरता और अपेक्षाओं की पीड़ा का प्रतीक है।

👉 मन यदि संयमित हो तो यह पीड़ा भी साधना बन सकती है।


निष्कर्ष


मन को साधो —


  1. भय, भ्रम, चिंता से दूर रहो।
  2. आत्मा को प्रेम और शांति से भ




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