बिना मेडिसिन खाये ही आप हेल्दी कैसे रह सकते हो!

मंजिल तक पहुंचने से पहले

ही गुमराह कर देते हैं लोग,

इसलिए हर किसी रास्ता

पूछना मुनासिब नहीं होता।

  1. आजकल ये चिकित्सक बच्चों की मालिश की भी मना करते हैं। जीवन में यदि सुखी रहना है, अपना दिमाग लगाएं किसी की बातों में न आएं।
  2. सब मूर्ख बना रहे हैं।
  3. एलोपैथी कम्पनियों के षड़यंत्र ही कुछ ऐसा है कि मीडिया में ऐसी जानकारी फैलाओ कि लोग बीमार हो सकें।
  4. जैसे अभी एक चलन चला रखा है कि गर्म पानी पीने से बहुत फायदे होते हैं जबकि सच्चाई यह है कि गर्म पानी केवल भोजन उपरांत एक घण्टे बाद पीने की सलाह आयुर्वेदिक ग्रन्थों में दी है। सुबह गर्म पानी असँख्य रोग पैदा करता है।
  5. हमारे हिसाब से 60 वर्ष की आयु से ज्यादा लोगों को दूध बहुत ही लाभदायक होता है।

आयुर्वेद के मुताबिक बुढापे में दूध पीने से कब्ज नहीं होती। वातरोग नहीं सताते। हमारे पिता 81 वर्ष की आयु तक दूध पीते रहे।

अतः किसी भ्रम में न पड़े। यदि कोई चीज आपको फायदेमंद है, तो उसे जरूर लेवें। सबके शरीर की तासीर अलग अलग होती है।

पित्तदोष से पीड़ित लोगों को ठंडा दूध हितकारी रहता है।

वातरोगियों को गुनगुना ओर कफ प्रकृति के लोगों को गर्म दूध में थोड़ी सी हल्दी करीब 20 mg मिलाकर पीना चाहिए। अष्टाङ्ग ह्रदय ग्रन्थ में ऐसा उल्लेख है।

Comments

Popular posts from this blog

राहु की प्रसन्नता का सरल तरीका जाने

नरवर के राजा नल का जन्म जहाँ हुआ था था वो स्थान वीरान पड़ा है

Dimag ka udar se rishtedari kya hai ? दिमाग का पेट से नाता