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Showing posts from November, 2026

चंदन क्या है? चंदन कितने तरह का होता है? मुफ़्त का चंदन घिस मेरे नादान ऐसा क्यों कहते हैं?

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चन्दन के बारे में शास्त्रमत जानकारी- !! चन्दनम् - चन्द्रति आल्हादयतीति,  चदि आहादे '!! अर्थात्म जो मन एवं शरीर को आल्हाद प्रदान करता है। चन्दन को शास्त्रों में सुगंध, शीतलता और सौंदर्य का दिव्य प्रतीक बताया है।  चन्दनम् जो तन और मन दोनों को आल्हादित करे भारतीय संस्कृति में चन्दन केवल एक सुगंधित लकड़ी नहीं, बल्कि शीतलता, पवित्रता, सात्त्विकता और सौंदर्य का प्रतीक माना गया है। इसकी सुगंध मन को प्रसन्न करती है, इसका स्पर्श शीतलता प्रदान करता है और धार्मिक परंपराओं में इसका स्थान अत्यंत विशिष्ट है। चन्दन 4 तरह के होते हैं, जिसका उपयोग दवाओं में किया जाता है। रक्त चंदन सौंदर्य वृद्धि में विशेष उपयोगी है। अमृतम द्वारा निर्मित सभी ब्यूटी प्रोडक्ट जैसे-कुंकुमादि तेलम, फेस क्लीनअप, अमृतम उबटन, फेस वॉश में चारों चन्दन खास विधान से मिलाएं गए हैं। चन्दन के अनेक नाम हैं… हि०-चंदन, सफेद चंदन वं०- म०-चंदन क० श्रीगन्धमर गु०-सुखड़ ता०-चंदन मरं ते०-गंधपु चेक्का | फा०-सदले सफेद। अ०-संदले अव्यज अं०-Sandalwood (सॅन्डलवुड)। o-Santalum album Linn (सॅन्टॅलम् अॅल्बम्) Fam. Santalaceae (सॅन्टॅलेसी) । श...

शनिदेव सच्चे गुरु हैं शनि से मत डरो-

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हमारे कर्म और विचार ही खराब होते हैं। ग्रह कभही किसी का अनिष्ट नहीं करते। यह भ्रम है। दुनिया के ज्योतिषियों ने कालसर्प, पितृदोष, शनि की साढ़ेसाती आदि के नाम से डराकर अरबों-खरबों का कारोबार डाला। फिर, भी समस्या जस की तस है। भगवान शनि न्याय के देवता हैं। वयः ब्रह्माण्ड के न्यायाधिपति हैं। वे किसी को भी नहीं छोड़ते। जन्मपत्रिका में शनि जिस स्थान पर बैठते हैं उस भाव को शक्तिप्रदाता बना देते हैं। शनिदेव की दृष्टि खराब मानी जाती है। जैसे- कोर्ट-कानून की निगाह में आप आ गए, तो निश्चित ही जीवन खराब हो जाएगा। लेकिन देश में कोर्ट-कानून के होने या बैठने से आम जनता की बहुत सुरक्षा होती है। शनि कुंडली में अगर स्वग्रही अर्थात मकर-कुम्भ राशिगत हैं, तो उनकी दृष्टि भी फलदायी रहती है। ज्यादातर ज्योतिष के जानकार शनि, राहु, केतु कमजोर, दूषित बताकर जातक को भयभीत बनाते हैं। जब हो शनि से तनी हो तो शनि को कैसे करें प्रसन्न- शनिवार का दिन अक्सर सभी का तना तनी में गुजरता है। संसार में अधिकाश अकाल मृत्यु, दुघर्टनायें शनिवार को ही घटित होती है। शनि की जनी (पत्नी) के शाप के कारण शनि की कुदृष्टि से सब कुछ पल भर में तब...