कलयुगी देवर भाभी पर क्यों फ़िदा हो रहे हैं?


  • खुली छूट है। क्यों जीवन को नर्क बनाने पर तुली हो। पति के रहते प्यार का मतलब है देवर का औजार ज़्यादा मजबूत है और रस ले चुकीं है।
  • संसार में सारा सार हथियार में है। जैसे कुंवार के महीने में अक्सर सबको बुखार आता है वैसे ही महिलाओं को प्यार का भूत सवार होता है।
  • आज देवर का घेवर खाने की लत लग गई तो पति के प्रति तेवर बदल जाएगा। समर्पण कम होगा।
  • फिर, दूसरा तलाश कर उसके जेवर पहनोगी। जब जब मौका मिलेगा, आप धोखा देंगे ही।
  • आपकी हालत सड़क पर लगे पेवर की तरह हो जाएगी कोई भी अकड़ इस्तेमाल करेगा।
  • हमतो यही कहेंगे कि नेवर यानी पड़ोसी से और देवर से कभी प्यार मत करो। नेवर नेवर!

Comments

Popular posts from this blog

अमृतम रावण रहस्य विशेषांक ४० सालों का सतत संघर्ष और लेखन का परिणाम!

राहु की प्रसन्नता का सरल तरीका जाने

नरवर के राजा नल का जन्म जहाँ हुआ था था वो स्थान वीरान पड़ा है