डाइबिटीज से राहत, मुक्ति के सरल उपाय amrutam


  • सुबह उठते ही सबसे पहले सादा जल दो से तीन गिलास पीकर मीठी चाय जरूर पियें। सुबह की चाय पीने से पूरी बॉडी में पर्याप्त मधुर रस निर्मित होता है देह अस्थियों को रिचार्ज करता है।

तुरंत मिले सारे शरीर को ऊर्जा-एनर्जी

  • चीनी के ग्लूकोज़ से शरीर को जल्दी ऊर्जा मिल सकती है, खासकर लंबे समय से कुछ न खाने पर।

सुस्ती में अस्थायी राहत

  • चाय की कैफीन सतर्कता और जागरूकता बढ़ा सकती है।

मूड में तात्कालिक सुधार

  • सुबह की मीठी चाय से मस्तिष्क की कोशिकाएं सक्रिय होकर कुछ लोगों में थकान या चिड़चिड़ापन कम महसूस करा सकते हैं।

ठंड में गर्माहट और आराम

  • गर्म चाय शरीर को आरामदायक महसूस करा सकती है। आयुर्वेदिक दृष्टि से भी मधुर रस को बल, पोषण, स्निग्धता और ओज-वर्धक माना गया है—लेकिन यह बात संपूर्ण मधुर रस के संदर्भ में है, केवल चीनी वाली चाय के लिए नहीं।
  • डायबिटीज है? तो बिल्कुल उल्टा जीवन जिएँ!
    हाँ, आपने सही पढ़ा—
    उल्टा! क्योंकि सीधी बात सुनकर आजकल कौन सुधरता है?
  • सुबह उठते ही कहिए! आज से मैं चलूँगा नहीं, पूरी तरह आराम करूँगा!
  • नाश्ते में कहिए-मीठा छोड़ना क्यों? जीवन में मिठास होनी चाहिए!
  • दिनभर कुर्सी पर बैठे रहिए,
    लिफ्ट से जाइए,
    पैदल चलने को बीमारी समझिए,
    दिन में सोइए,
    रात देर तक जागिए और मोबाइल देखते रहिए। दही, दूध, भारी-चिकने और मीठे पदार्थों को अपना मित्र बना लीजिए।
  • और फिर शिकायत कीजिए
    डायबिटीज आखिर मुझे ही क्यों हुई? यह सलाह नहीं है। यह आईना है।
  • महर्षि चरक ने प्रमेह के कारणों में आस्यसुख अर्थात अत्यधिक बैठे रहने/आरामतलबी, स्वप्नसुख, दही, दूध, नवीन अन्न तथा गुड़ से बने पदार्थों जैसे कफ-वर्धक आहार-विहार का उल्लेख किया है। ⁠
  • अर्थात हजारों वर्ष पहले भी संदेश स्पष्ट था—
    अधिक आराम, अधिक भोजन और कम शारीरिक श्रम शरीर के लिए संकट बन सकते हैं।
  • चरक ने आगे प्रमेह में कफ, मेद और शरीर के अतिरिक्त क्लेद को महत्वपूर्ण माना और चिकित्सा में अपतर्पणअर्थात आवश्यकता अनुसार शरीर के अतिरिक्त पोषण/संचय को घटाने वाले उपायों का उल्लेख किया है।
  • इसलिए डायबिटीज में असली उल्टी सलाह यह हैचलना बंद कर दीजिए—ताकि शरीर आपको चलना सिखाए। मीठा बढ़ा दीजिए—ताकि शुगर की सच्चाई दिखाई दे। आराम बढ़ा दीजिए—ताकि बीमारी की कीमत समझ आए।
  • लेकिन अगर सचमुच स्वस्थ होना है तो फिर ठीक इसका उल्टा करना होगा

• नियमित शारीरिक गतिविधि
• वजन और कमर पर नियंत्रण
• अत्यधिक मीठे/भारी भोजन से संयम
• पर्याप्त नींद
• समय पर भोजन
• तनाव पर नियंत्रण
• चिकित्सक द्वारा बताई दवा और रक्त-शर्करा की नियमित जाँच

  • आयुर्वेद का उद्देश्य डराना नहीं, कारण हटाना है और सबसे जरूरी बात डायबिटीज की दवा केवल इस लेख को पढ़कर बंद न करें। क्योंकि बीमारी से लड़ने में सबसे खतरनाक चीज अज्ञान नहीं,
    आधा-अधूरा ज्ञान है।
  • अब बताइए—क्या ऐसी उल्टी सलाह पढ़कर आप अपने जीवन की सीधी गलती पहचान पाए?

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