भारत के लोग जंक फ़ूड के पीछे क्यों पड़े हैं?
- जंक फूड खाने से शरीर में जंग लगने लगती है! एक तो जंक फूड आसानी से पचता नहीं है और दूसरा पेट को पूरी तरह खराब कर देता है!
- नीचे चित्र में नवीन अमृतम हाउस है
- देह रूपी नवीन भवन का निर्माण आपको ही करना है। अमृतम पत्रिका, ग्वालियर के स्वास्थ्य ही जीवन का सार है। अंक से साभार
जंक फूड बीमार बनाकर उदर, गुर्दा, त्वचा रोग देता है-
- आज जंक फूड, फास्ट फूड खाने का नित्य नियम बन चुका है! घर घर में बच्चे, युवा पीढ़ी ओर हमारे दैनिक खानपान का हिस्सा बन चुका है! लेकिन ये कहना हमे तरफ से रोगी बना रहा है!
सेहत ही सब कुछ है! स्वास्थ्य ही सुन्दरता है-
- बुजुर्ग कहते आये हैं कि पहला सुख निरोगी काया! माया को दूसरा स्थान दिया गया!
- मात्र स्वास्थ्य ही हमारे हाथ है! स्वस्थ्य आदमी के साथ 100 दोस्त होते हैं!
- योग, आयुर्वेद, छोड़कर रोग, भोग में सने लोगों की तरफ लोग देखते भी नहीं है!
- मधुमेह, केंसर, कब्ज जैसी घातक बीमारी नर नारी के यौवन को नष्ट कर रही हैं!
- स्वास्थ्य अच्छा होने पर सुंदरता चेहरे पर झलकती है! मालिश की आदत बनाएं!
- इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की एक शोध में बताया कि भारत में कुल बीमारी का ५६ फीसदी हिस्सा गलत खानपान, अस्वस्थ आहार के कारण है।
- यही नहीं भारत में मोटापा और मधुमेह बड़ी समस्या के रूप में उभर रहा है।
- प्रत्येक 4 में से 1 व्यक्ति मोटापा, स्किन प्रॉब्लम तथा मधुमेह का शिकार हो रहा है।
- दरअसल, बाजार में बिकने वाले स्वादिष्ट पदार्थों ओर अस्वास्थ्यकर खाद्यों में प्रोटीन, विटामिन या खनिज न के बराबर होते हैं!
- जंक, फास्ट फूड, हलवाई का नाश्ता, जलेबी, कचौड़ी, समोसा आदि द्वारा निर्मित चीजों में नमक, शक्कर, वसा और ऊर्जा (कैलोरी) बेशुमार होती है।
- ऐसे में यह समझना बहुत जरूरी है कि जंक फूड आपके शरीर को अंदर से कितना नुकसान पहुंचा रहा है।
पाचन तंत्र की परेशानी, होता है ख़राब।
- अस्वास्थ्यकर खाद्यों अर्थात जो हमारे शरीर, स्वास्थ्य या सेहत के लिए अच्छा न हो, स्वास्थ्य के प्रतिकूल होनेवाला।
- फास्ट, जंक फूड में ज्यादातर तले हुए, उच्च कैलोरी युक्त, वसा और शर्करा से भरपूर खाद्य पदार्थ होते हैं।
- जंक, फ़ास्ट फ़ूड में मुख्य रूप से फाइबर की कमी होती है, जिससे पाचन तंत्र ठीक से अपना कार्य नहीं कर पाता।
- जंक, फ़ास्ट फ़ूड ओर मैदा, बेसन से बने पदार्थ खाने से कब्ज, पेट में गैस व अन्य पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
- फ़ास्ट फ़ूड खाद्यों में मौजूद हानिकारक रसायन और प्रिज़र्वेटिव पाचन तंत्र पर हानिकारक प्रभाव डालते हैं।
- फ़ास्ट फ़ूड खाने से आता है मोटापा तेज़ी से बढ़ता है वज़न
- उच्च कैलोरी वाले फास्ट फूड के नियमित सेवन से शरीर 00 में ये अतिरिक्त कैलोरी वसा के रूप में जमा हो जाती है, जिससे वजन तेजी से बढ़ने लगता है। जो आगे चलकर मोटापे का कारण बनता है।
- मोटापे या वजन बढ़ने से हृदय रोग, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
शरीर को नहीं मिल पाते ज़रूरी पोषक तत्व
- जंक फूड में आवश्यक पोषक तत्व, जैसे- विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट्स, खनिज और फाइबर की कमी होती है।
- जंक फूड के अधिक सेवन से शरीर आवश्यक पोषक तत्वों से वंचित रहने लगता है जिससे रोगप्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी कमज़ोर होने लगती और शरीर में विभिन्न रोगों के होने का ख़तरा बढ़ जाता है।
मधुमेह यानि डाइबिटीज का खतरा
- पिज्जा हट, हलवाई, चाट दुकानों पर बिकने वाले अस्वास्थ्यकर खाद्यों में अधिक मात्रा में शर्करा पाई जाती है। जो रक्त शर्करा के स्तर को तेजी से बढ़ा देती है।
- जंक फूड के सेवन से शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध की स्थिति उत्पन्न हो सकती है जिसके कारण भविष्य में टाइप-2 मधुमेह होने का जोखिम बढ़ सकता है।
त्वचा रोग या स्किन प्रॉब्लम की समस्या
- बाहरी अशुद्ध खाना, पीना, भोजन आदि लेने से कब्ज बनी रहती है! फिर, मल सड़ने से रक्त दोष होता है!
- खून में गन्दगी आने लगती है। त्वचा खराब होकर शरीर सड़ने लगता है!
- फास्ट फूड में उच्च नमक का स्तर त्वचा को डीहाइड्रेटेड कर सकता है, जिससे यह शुष्क पड़ सकती है।
मन को मलिन, गन्दा करे
- खाद्य वैज्ञानिकों के अध्ययनों से पता चलता है कि उच्च वसा और शर्करा युक्त आहार के कारण चिंता, तनाव और अवसाद बढ़ सकता है। साथ ही शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने के कारण स्मरण शक्ति भी प्रभावित होती है।
जब दिल ही टूट गया, तो जीके क्या करेंगें
- जंक फूड खाद्यों में अधिक मात्रा में ट्रांस और सैचुरेटेड फैट होता है, जिसके कारण शरीर में ख़राब कॉलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है।
- धमनियों में भी प्लाक जमा होने लगता है, जो रक्त संचार को प्रभावित कर सकता है। इस वजह से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ जाता है। हृदय रोग का जोखिम रहता है
लिवर को फीवर। यकृत पर पड़ता है बुरा प्रभाव
- फास्ट फूड में मौजूद ट्रांस फैट और अन्य हानिकारक तत्व लिवर में वसा जमा होने का भी कारण बनते हैं। इसके कारण लिवर का काम भी प्रभावित होता है।
- कई बार तो ये लिवर सिरोसिस का भी कारण बन सकते हैं, जिसके चलते समस्या और भी गंभीर रूप ले सकती है।
होले होले चलो मोरे साजना
- जंक फूड एकदम से छोड़ना मुमकिन ना लगे तो धीरे-धीरे कम करें। इसके बाद महीने में केवल एक बार जंक फूड खाना तय करें।
- जंक फूड का सेवन कम करने के लिए इच्छाओं पर अंकुश जरूरी है! नागिन की तह फड़फड़ा रही जीभ को पिटारे में रखना होगा।
- पूर्ण संकल्प शक्ति के साथ सबसे पहले आपको अपनी इच्छाशक्ति को मजबूत करना होगा और खुद पर संयम रखना होगा।
- जंक फूड की सामग्री को पौष्टिक खाद्यों से बदलकर इन्हें घर पर ही बनाएं। जैसे मैदे के स्थान पर गेहूं के आटे का उपयोग करें।
- छोटी-छोटी भूख के लिए चिप्स आदि खाने के बजाय अपने पास सूखे मेवे या मूंगफली रखें। असली अष्टवर्ग युक्त ग्लास जार वाला च्यवनप्राश खाएं!
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