कालसर्प और राहु के कष्टों से मुक्ति पाने के गुप्त रहस्य
जीवन को बदलना चाहते हो, तो अवश्य पढ़ें! राहु के गुप्त और गोपनीय रहस्य प्राचीन ग्रंथ राहु तंत्र में उल्लेख मिलता है कि सोमवार को जब शुक्र का महालक्ष्मी नक्षत्र पूर्वाषाढ़ हो, तब पाँच महाभूत प्रतीक त्रिकोण युक्त पार्थिव शिवलिंग बनाने से राहु की विशेष कृपा मिलने लगती है! शुक्र राहु और दैत्यों के गुरु हैं! दुखों से मुक्ति पाने के लिए राहुकाल में पूजा जरूरी है! शुरू के १५ दिन भयंकर निगेटिव ऊर्जा निकलने से उच्चाटन भी होगा लेकिन ५४ दिन बाद जीवन तेजी से बदलेगा! दुख-रोग, कष्ट, भय,भ्रम, डर, तनाव, डिप्रेशन ये सब राहु का भोजन है! राहु मन-मस्तिष्क, अंतर्मन और आत्मा की सफ़ाई कर उन्नति प्रदान करता है! सफलता में सहायक है! amrutampatrika.com और अमृतम कालसर्प विशेषांक से साभार प्राचीन ‘राहु तंत्र’ ग्रंथ में वर्णित है कि शुक्रस्य पूर्वाषाढायां त्रिकोणयुक्तं शिवलिङ्गं निर्मितं!राहोः प्रसादकारणं भविष्यति न संशयः॥ अर्थात्- जब सोमवार के दिन शुक्र का महालक्ष्मी नक्षत्र पूर्वाषाढ़ गोचर में प्रभावी ह...