Posts

Showing posts from November, 2025

कालसर्प और राहु के कष्टों से मुक्ति पाने के गुप्त रहस्य

Image
जीवन को बदलना चाहते हो,  तो अवश्य पढ़ें!  राहु के  गुप्त और गोपनीय रहस्य  प्राचीन ग्रंथ राहु तंत्र में उल्लेख मिलता है  कि सोमवार को जब शुक्र का महालक्ष्मी  नक्षत्र पूर्वाषाढ़ हो, तब पाँच महाभूत प्रतीक त्रिकोण युक्त पार्थिव शिवलिंग बनाने से  राहु की विशेष कृपा मिलने लगती है!  शुक्र राहु और दैत्यों के गुरु हैं! दुखों से  मुक्ति पाने के लिए राहुकाल में पूजा जरूरी है! शुरू के १५ दिन भयंकर निगेटिव ऊर्जा  निकलने से उच्चाटन भी होगा लेकिन  ५४ दिन बाद जीवन तेजी से बदलेगा!  दुख-रोग, कष्ट, भय,भ्रम, डर, तनाव,  डिप्रेशन ये सब राहु का भोजन है! राहु मन-मस्तिष्क, अंतर्मन और आत्मा की सफ़ाई  कर उन्नति प्रदान करता है! सफलता में  सहायक है!  amrutampatrika.com और अमृतम कालसर्प विशेषांक से साभार  प्राचीन ‘राहु तंत्र’ ग्रंथ में वर्णित है कि शुक्रस्य पूर्वाषाढायां त्रिकोणयुक्तं शिवलिङ्गं निर्मितं!राहोः प्रसादकारणं भविष्यति न संशयः॥ अर्थात्- जब सोमवार के दिन शुक्र का  महालक्ष्मी नक्षत्र पूर्वाषाढ़ गोचर  में प्रभावी ह...

Dimag ka udar se rishtedari kya hai ? दिमाग का पेट से नाता

Image
​ आयुर्वेद कहता है जठराग्नि ही प्राणों की देवी है। अर्थात् जो पेट को जीत ले,  वह मन और मस्तिष्क को भी जीत लेता है। क्या है पेट-दिमाग का रहस्यमय संबंध? आँतें दूसरा मस्तिष्क हैं- दिमाग का रास्ता पेट से जाता है! आधुनिक विज्ञान आज उस सत्य को  स्वीकार कर चुका है, जो चरक, सुश्रुत और काश्यप संहिता में हज़ारों साल  पहले लिखा गया था। 👉 मन का आधा स्वास्थ्य पेट में छिपा होता है। 👉 आँतों में मौजूद 100 मिलियन नर्व  सेल्स ही इसे ‘Second Brain’ बनाते हैं। आयुर्वेद का दृष्टिकोण पेट = दिमाग की जड़ है ! चरक संहिता  (चिकित्सा स्थान) में कहा गया है कि अग्नि (Digestive Fire) का संतुलन  सीधे मन, स्मृति, बुद्धि और भावों  पर प्रभाव डालता है। अग्निम् विना न शरीरे जीवनं, अग्निस्थो मनसः प्रसादः। जाठराग्निः शांतः स्यात् चेत्, धीयं बलं च वर्धते॥ अर्थात -  • अग्नि बिना शरीर का संचालन असंभव  • जठराग्नि शांत हो तो मन प्रसन्न  • और बुद्धि, शक्ति, निर्णय क्षमता बढ़ती है              यही कारण है कि आयुर्वेद में पेट को मन     ...

चिरायता एक चमत्कारी बूटी!

चिरायता प्रकृति का कड़वी चमत्कारी बूटी है! लेकिन अमृत समान औषधीय चमत्कार कड़वी बात! कड़वी दवा स्वस्थ जीवन का आधार है! कड़वाहट ही चिरायता की पहचान है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत! ५ से अधिक आयुर्वेदिक ग्रंथ और गूगल से साभार भावप्रकाश अनुसार चिरायता के  विभिन्न भाषाओं में नाम हिन्दी – चिरायता संस्कृत – किरात, किरातिक्त मराठी – किराईत गुजराती – करियातु बंगाली – चिरेता अंग्रेजी – Chiretta लैटिन – Swertia Chirayita चिरायता का स्वरूप और प्रकृति-  हरे रंग की यह पर्वतीय जड़ी-बूटी मुख्यत: ये नेपाल में पाई जाती है। इसका स्वाद अत्यंत कड़वा और प्रकृति से गर्म होती है। आयुर्वेद के अनुसार, यह त्रिदोष नाशक औषधि है। सावधानी-  चिरायता का अधिक मात्रा में सेवन करने पर यह कमर के लिए हानिकारक हो सकती है। इसके दोषों को अनीसून (एक सुगंधित जड़ी) दूर करता है। कहते हैं कि जैसे  सुगंध में केसर सर्वोत्तम है, वैसे कड़वाहट में चिरायता सबका बाप  है! लेकिन तन के सारे पाप धोकर आप को हेल्दी बना देता है! निगेटिव माइंड वालों के लिए ये अचूक है! रोज़ चिरायता के सेवन से मन में बेकार के विचार और ख्याल आ...

चिरायता रोगों का रायता नहीं फैलने देता

Image
भावप्रकाश निघण्टु-पृष्ठ ७० के अनुसार चिरायता सन्निपात ज्वर, श्वास, कफ, पित्त, रक्तदोष यानि खून की खराबी, दाह, कास, शोथ, प्यास, कुष्ठ ज्वर, व्रण तथा कृमि इन सब रोगों को दूर करता है। चिरायता बहुत कड़वा होने से इसका एक नाम किरात भी है। अथ किरातकस्य नाम गुणा नाह- श्लोक है- !! सन्निपातज्वरश्वासकफपित्तास्त्र दाहनुत्। कासशोथतृषाकुष्ठ ज्वर व्रणकृमिप्रणुत्। । चिरायता- सर्वश्रेष्ठ ज्वर, संक्रमण नाशक बूटी है।सबसे बेहतरीन क्वालिटी का चिरायता केवल नेपाल देश में मिलता है। यहां मिलने वाला चिरायता कालमेघ है, जो सभी आयुर्वेद की दुकानों पर बिकता है। शुद्ध नेपाली चिरायता महंगा होने के कारण बाजार में मिलना मुश्किल है।चिरायता एक ग्राम की मात्रा में रोज बिना किसी रोग के लिए जा सकता है। आयुर्वेद के प्राचीन ग्रन्थ के चित्र में चिरायता की सम्पूर्ण जानकारी प्रस्तुत है। आप चाहें, तो शुद्ध चिरायता से निर्मित अमृतम फ्लू की माल्ट का सेवन कर सकते हैं। ऑनलाईन उपलब्ध

कैंसर जैसे रोगों का कर्ण बनता है- खून का खराब होना! सभी स्किन प्रॉब्लम की जननी है रक्त अशुद्धि

त्वचा की हर समस्या का मूल है रक्त दूषण, शुद्धि से ही लौटे सौंदर्य का दर्शन। Skinkey आधुनिक आयुर्वेद का सुंदर स्पर्श! जब खून हो शुद्ध, तो चेहरे पर खिलती है कुदरत की मुस्कान। Skinkey भीतर की सफ़ाई, बाहर की चमक लाए। फोड़े-फुंसी नहीं, अब निखार की पहचान, रक्त शुद्धि से लौटे त्वचा का सम्मान, Skinkey Combo हर कोशिका का वरदान! जब पित्त शांत और रक्त निर्मल, तो त्वचा हो जाती है कमल जैसी कोमल! Skinkey – चमक का आयुर्वेदिक सूत्र! आयुर्वेद के अधिकांश ग्रंथ प्रमाणित करते हैं कि देह में रक्त दोष के कारण ही फोड़े- फुंसी, खाज- खुजली, दाग-धब्बे, केल निशान, चेहरे पर झुर्रियाँ आदि ये सब खून के खराब होने से ही होते हैं! आयुर्वेद के अनुसार, रक्तं दूष्यते दोषैः पित्तेनाधिक्यसम्भवात्। अर्थात – जब पित्त दोष और रक्त का दूषण बढ़ता है, तब त्वचा रोग उत्पन्न होते हैं। इसलिए रक्त की शुद्धि के लिए चाहिए- पाचन सुधरना, विषहर (Detoxifying) औषधियाँ और ठंडक देने वाले आयुर्वेदिक सप्लीमेंट तथा प्राकृतिक रसायन! समाधान हेतु  Skinkey Combo  जिसमें है आयुर्वेदिक अवलेह यानि malt + Capsule एवं त्वचा को निखरने वाला skinkey...

सौन्दर्य और चमक में वृद्धि योगवशिष्ठ अनुसार अभ्यन्तरं शुद्धिर्यस्य, तस्य बाह्यं सुषोभते। जब भीतर का रक्त स्वच्छ होता है, तो त्वचा स्वतः दमकती है।

Keyliv Malt ब्लड टॉक्सिन्स को हटाकर त्वचा की चमक लौटाता है। मुहांसे, पिग्मेंटेशन और झाइयाँ घटाता है। बालों और आँखों में नयी ऊर्जा और निखार आता है। keyliv malt के फायदे गूगल पर सर्च करें! लिवर ही रक्त वृद्धि में कारक है! रक्तं जीवस्य धारकं, रक्ते दोषे शरीरं दोषम्।  (चरक संहिता) अर्थात् रक्त ही जीवन का धारक है और यदि रक्त दूषित या कम हो जाए तो शरीर का प्रत्येक अंग दुर्बल हो जाता है। एक माह में रक्त बढ़ाने का आयुर्वेदिक उपाय रक्त बढ़ाने के सस्ते, सुगम और आज़माए हुए आहार ये सभी एक महीने में स्पष्ट परिणाम देते हैं गुड़ + तिल + घी का मिश्रण रोज़ 1 चम्मच घी में 2 चम्मच गुड़ और थोड़ा तिल मिलाकर खाने से रक्तवृद्धि तीव्र होती है। इसमें लौह तत्व और फैटी एसिड्स मिलकर हीमोग्लोबिन बढ़ाते हैं। गुडं तैलं तिलं चैव रक्तवर्धनमुत्तमम्। ( भैषज्य रत्नावली) काले अंगूर, अनार और खजूर  ये Natural Iron और Folate के श्रेष्ठ स्रोत हैं। रक्त की शुद्धि करते हैं, नई RBC कोशिकाएँ बनाते हैं। रोज़ 5 खजूर या एक गिलास अनार रस अत्यंत लाभकारी है। मूंग दाल और चुकंदर (Beetroot Soup) चुकंदर में Iron और Folic Acid दोनो...

क्या आपकी एनर्जी जल्दी खत्म हो जाती है? या फिर दिमाग़ और शरीर, दोनों ही हमेशा थके-थके से रहते हैं?

आयुर्वेदिक विज्ञान! थकान मिटायेगा! ताक़त, एनर्जी चाहिए, तो अपनाओ B-Feral फिर, हर बाजी जीतेंगे आप अब समय है, शरीर को दोबारा रीचार्ज करने का Naturally! क्योंकि आयुर्वेद ने इसका जवाब 5000 साल पहले ही दे दिया था — B-Feral Combo ( माल्ट + कैप्सूल + ऑयल ) B-Feral क्यों है खास? वीर्यवर्धक और ऊर्जा संवर्धक रसायन तनाव और शीघ्र थकान पर नियंत्रण मांसपेशियों और मानसिक ताक़त में वृद्धि रक्त प्रवाह और टेस्टोस्टेरोन का संतुलन आधुनिक विज्ञान भी मानता है। B-Feral में मौजूद अश्वगंधा, कौंचबीज, शतावरी, शिलाजीत Testosterone को बढ़ाकर शरीर को भीतर से मज़बूत करते हैं। बलं वीर्यं स्थैर्यं च, नित्यं रसायनसेवनात्। ( चरकसंहिता) 30 दिन का चमत्कार अनुभव करें हर दिन एक चम्मच माल्ट, एक कैप्सूल, और रात को हल्की मालिश। बस, इतना करें और फर्क खुद महसूस करें। ऊर्जा, आत्मविश्वास और स्थिरता तीनों में जबरदस्त वृद्धि! याद रखें यह सिर्फ़ टॉनिक नहीं यह है आपकी पर्सनल एनर्जी रीसेट मशीन! अब कमजोरी नहीं, जोश और जोश से भरी ज़िंदगी B-Feral के साथ!” वीर्यं बलं च जीवनं, तस्य रक्षणमावश्यकम्। (चरक संहिता) अर्थात् वीर्य (Ojas) ही शरी...

Keyliv Malt — रक्तवर्धक, लीवर शुद्धिकारी और सौन्दर्य बढ़ाने वाला आयुर्वेदिक अमृत

रक्तं जीवस्य धारकं, रक्ते दोषे शरीरं दोषम्।  (चरक संहिता) अर्थात् रक्त ही जीवन का धारक है और यदि रक्त दूषित या कम हो जाए तो शरीर का प्रत्येक अंग दुर्बल हो जाता है। keyliv malt के फायदे गूगल पर सर्च करें! लिवर ही रक्त वृद्धि में कारक है! एक माह में रक्त बढ़ाने का आयुर्वेदिक उपाय रक्त बढ़ाने के सस्ते, सुगम और आज़माए हुए आहार ये सभी एक महीने में स्पष्ट परिणाम देते हैं गुड़ + तिल + घी का मिश्रण रोज़ 1 चम्मच घी में 2 चम्मच गुड़ और थोड़ा तिल मिलाकर खाने से रक्तवृद्धि तीव्र होती है। इसमें लौह तत्व और फैटी एसिड्स मिलकर हीमोग्लोबिन बढ़ाते हैं। गुडं तैलं तिलं चैव रक्तवर्धनमुत्तमम्। ( भैषज्य रत्नावली) काले अंगूर, अनार और खजूर  ये Natural Iron और Folate के श्रेष्ठ स्रोत हैं। रक्त की शुद्धि करते हैं, नई RBC कोशिकाएँ बनाते हैं। रोज़ 5 खजूर या एक गिलास अनार रस अत्यंत लाभकारी है। मूंग दाल और चुकंदर (Beetroot Soup) चुकंदर में Iron और Folic Acid दोनों प्रचुर मात्रा में हैं। उबली मूंग दाल और चुकंदर का सूप रोज़ शाम को लेने से रक्त मात्रा तेजी से बढ़ती है। अमृतम अश्वगंधा चूर्ण + दूध + मिश्री योग अ...

PCOD और PCOS में चमत्कारी असर देने वाला नारी सौन्दर्य माल्ट | Anti-Aging & Ayurvedic Beauty Secret

तनाव, थकान और अनिद्रा से मुक्ति आधुनिक युग में स्त्री की सबसे बड़ी चुनौती है- तनाव और नींद की कमी। नारी सौन्दर्य माल्ट मन को शान्त कर “सेरोटोनिन” स्तर बढ़ाता है।इससे नींद गहरी होती है। मूड स्थिर रहता है। हार्मोन संतुलन स्वतः स्थापित होता है चित्तं प्रसन्नं सौन्दर्यं जनयति। गुप्त स्त्री रोगों से पीड़ित जिस भी नारी ने तीन माह तक नारी सौंदर्य माल्ट का सेवन किया और चमत्कारी परिणाम पाए यानि  आपका अनुभव ही प्रमाण है! यह दर्शाता है कि आपका शरीर और यह औषधि एक-दूसरे के सात्त्विक संगम में हैं। इसे आप लंबे समय तक नियमित रूप से ले सकती हैं। क्योंकि यह कृत्रिम हार्मोन नहीं, बल्कि शुद्ध आयुर्वेदिक रसायन योग है, जो शरीर को भीतर से संतुलित करता है। यह केवल औषधि नहीं, स्त्री जीवन का दिव्य रस है! नारी सौंदर्य माल्ट त्वरित असर करने वाले रसायन की तरह नहीं, बल्कि संतुलित और सच्चा आयुर्वेदिक अमृत है। इसलिए, इसे दीर्घकाल तक निश्चिन्त होकर लिया जा सकता है! जैसे हम रोज प्राणवायु लेते हैं। नारी सौंदर्य माल्ट के उम्र रोधी गुण झुर्रियों को धीमा करता है त्वचा में नमी और लचीलापन बनाए रखता है हड्डियों, जोड़ों औ...

सूर्य नमस्कार का विज्ञान- 12 मुद्राओं में सूर्य की दिव्य ऊर्जा और स्वास्थ्य का रहस्य क्या है?

Image
धर्म का विज्ञान-सूर्य नमस्कार! किरणों और 12 मुद्राओं में छिपी प्राण शक्ति, दिव्य ऊर्जा का रहस्य जब धर्म, योग और विज्ञान मिलते हैं एक बिंदु शरीर, मन और आत्मा को जगाने वाला सूर्य सूर्य नमस्कार से जीवन की पूर्णता प्राप्त होती है!  सूर्य नमस्कार केवल व्यायाम नहीं, बल्कि यह एक ध्यान, प्रार्थना और वैज्ञानिक संतुलन का पुल है। यह हमें याद दिलाता है कि सूर्य बाहर भी है और हमारे भीतर भी। जब 12 मुद्राओं में शरीर झुकता है, तो आत्मा प्रकट होती है और मन शांत हो जाता है। सूर्यो ज्योतिर्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय॥– उपनिषद सूर्य नमस्कार केवल योग नहीं, यह ऊर्जा, विज्ञान और भक्ति का दिव्य संगम है। जब हाथ जुड़ते हैं, मस्तिष्क झुकता है और हृदय समर्पित होता है, तो मनुष्य केवल सूर्य को नहीं, अपने भीतर के तेज, बल और संतुलन को भी प्रणाम करता है।  यही धर्म  का विज्ञान है! सूर्य नमस्कार यानि किरणों और 12 मुद्राओं में शक्ति का संगम नमस्ते अर्थात अभिवादन नहीं, न्यूरल ऊर्जा का विज्ञान जब हम हाथ जोड़कर  नमस्ते  करते हैं, तो यह केवल शिष्टाचार नहीं होता! बल्कि एक न्यूरो-साइंटिफिक एक्टिवेशन होता ...

सूर्य नमस्कार का विज्ञान- 12 मुद्राओं में सूर्य की दिव्य ऊर्जा और स्वास्थ्य का रहस्य क्या है?

Image
धर्म का विज्ञान-सूर्य नमस्कार! किरणों और 12 मुद्राओं में छिपी प्राण शक्ति, दिव्य ऊर्जा का रहस्य जब धर्म, योग और विज्ञान मिलते हैं एक बिंदु शरीर, मन और आत्मा को जगाने वाला सूर्य सूर्य नमस्कार से जीवन की पूर्णता प्राप्त होती है!  सूर्य नमस्कार केवल व्यायाम नहीं, बल्कि यह एक ध्यान, प्रार्थना और वैज्ञानिक संतुलन का पुल है। यह हमें याद दिलाता है कि सूर्य बाहर भी है और हमारे भीतर भी। जब 12 मुद्राओं में शरीर झुकता है, तो आत्मा प्रकट होती है और मन शांत हो जाता है। सूर्यो ज्योतिर्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय॥– उपनिषद सूर्य नमस्कार केवल योग नहीं, यह ऊर्जा, विज्ञान और भक्ति का दिव्य संगम है। जब हाथ जुड़ते हैं, मस्तिष्क झुकता है और हृदय समर्पित होता है, तो मनुष्य केवल सूर्य को नहीं, अपने भीतर के तेज, बल और संतुलन को भी प्रणाम करता है।  यही धर्म  का विज्ञान है! सूर्य नमस्कार यानि किरणों और 12 मुद्राओं में शक्ति का संगम नमस्ते अर्थात अभिवादन नहीं, न्यूरल ऊर्जा का विज्ञान जब हम हाथ जोड़कर  नमस्ते  करते हैं, तो यह केवल शिष्टाचार नहीं होता! बल्कि एक न्यूरो-साइंटिफिक एक्टिवेशन होता ...

बीमारी की मारी दुनिया

Image
आयुर्वेद में रोगों के नाम भी बहुत जटिल होते हैं, जिसे आज की नई पीढ़ी समझ नहीं सकती। जब बीमारियों के नाम जटिल हैं, तो जटिल से जटिल रोग भी आयुर्वेद चिकित्सा द्वारा ठीक किये जा सकते हैं। आयुर्वेद विकारों के नाम आम आदमी की भी समझ में आएं इसीलिए व्याधियों के संस्कृत और उनके हिंदी अर्थ लिखे जा रहे हैं-

भूलकर भी न लगायें लिंग पर सरसों का तेल! सारा खेल ख़त्म हो जाएगा! रेल नहीं चला पाओगे!

सरसों तेल के भयंकर नुकसान ( Medical Side Effects ) त्वचा में जलन और सूजन (Irritation & Inflammation) सरसों के तेल में allyl isothiocyanate नामक तत्व होता है, जो संवेदनशील त्वचा पर जलन पैदा करता है। इससे लालपन, फफोले, या जलन जैसी चोटें हो सकती हैं। त्वचा का काला पड़ना या पतलापन (Pigmentation Damage) लगातार लगाने से त्वचा की ऊपरी परत कमजोर होकर गहरी रंगत ले लेती है जिससे पेनिस पर Burn marks जैसे दाग पड़ सकते हैं। संवेदनशील नसों को नुकसान जननांगों की त्वचा में सूक्ष्म नसें होती हैं। सरसों के तेल की तीव्रता इन नसों को सुन्न या क्षतिग्रस्त कर सकती है! इससे संवेदना कम होना या दर्द होना संभव है। संक्रमण का खतरा (Infection Risk) सरसों का तेल छिद्रों को बंद कर देता है, जिससे fungal या bacterial infection बढ़ सकते हैं। कई मामलों में balanitis या त्वचा पर दाने उत्पन्न हो जाते हैं। शुक्राणु गुणवत्ता पर प्रभाव वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि तेलों के कुछ घटक testicular heat बढ़ाकर शुक्राणुओं की संख्या और गतिशीलता घटा सकते हैं। त्वचा फटने और सूजन से स्थायी नुकसान: बार-बार रगड़ या गलत दिशा ...

मङ्गल स्वामी कार्तिकेय : धरती के अदृश्य रक्षक! जहाँ महादेव बने दिव्य चिकित्सक! जाने वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का असली रहस्य! amrutam से साभार

Image
कार्तिकेय के छह मुख – जीवन के छह ऊर्जा द्वार और तमिलों के कडवुल भगवान मुरुगन की रहस्यमयी शक्ति” मङ्गल दोष से मुक्ति का रहस्य – छः मंदिरों की यात्रा! भूमि से ब्रह्म तक कार्तिकेय की मङ्गलमयी कथा क्यों दक्षिण की धरती है अधिक उपजाऊ? जानें कार्तिकेय सूत्र! मंगल का दंगल कैसे करें कम? शिवपुत्र का गूढ़ उपाय” षण्मुख देव : रक्त, भूमि और भाग्य के अधिपति मुरुगन ऊर्जा : जो मिटा दे कैंसर और अमंगल दोनों! भगवान कार्तिकेय भूमि स्वामी हैं! ये जगत के मांगकारक हैं! दक्षिण भारत में मोरगन स्वामी की ज़्यादा पूजा होने से वहाँ की धरती बहुत उपजाऊ है और वहाँ ज़मीनी विवाद कम ही होते हैं। क्यों दक्षिण भारत की भूमि है अधिक उपजाऊ? दक्षिण भारत में भगवान कार्तिकेय की व्यापक पूजा होती है।इन्हें भूमि स्वामी कहा गया है और यही कारण है कि दक्षिण की धरती अधिक उपजाऊ, और वहाँ भूमि विवाद कम हैं। इसके विपरीत, उत्तर भारत में मङ्गल उपासना का अभाव भूमि-संबंधी क्लेशों का कारण बनता है। उत्तर भारत में भूमि को लेकर हमेशा खून ख़राबा होना आम बात है! amrutam पत्रिका, ग्वालियर से साभार! महादेव के ज्येष्ठ पुत्र कार्तिकेय सदैव कुमारावस्था ...